लोक राज संगठन की महाराष्ट्र प्रादेशिक समिति का निवेदन, 28 अप्रैल 2018

भाइयो और बहनों,

आये दिन हम युवा बच्चों , लड़कियों और महिलाओं के प्रति बलात्कार जैसे जघन्य अपराध के विषय में सुनते और पढ़ते हैं l इसी तरह कई निर्दोष युवा और महिलाओं के बारे में सुनते हैं जो झूठे अपराध की वजह से जेल में कैद हैं या लापता हो चुके हैं l

सत्ता में बैठे लोग ऐसे अपराधों से लोगों की रक्षा नहीं कर रहे हैं l हाल ही में हुए कथुआ में आठ वर्ष की बच्ची के साथ सामूहिक बलात्कार के मामले में , जम्मू कश्मीर सरकार के मंत्रियो ने दोषी की रक्षा के लिए रैलियों का आयोजन किया l उन्नाव में एक किशोरी के साथ हुए बलात्कार के मामले में, यह सब जानते हुए भी उत्तर प्रदेश सरकार चुप्पी साधे हुए है कि अपराधी विधायक ने पीड़िता के पिता की हत्या करवा दी l

सत्ताधारियों के इस व्यवहार के बिलकुल विपरीत, हमारे देश के लोग और ज्यादा ज्यादा क्रोधित हो रहे हैं | वे कैंडल मार्च ,जन संचार के माध्यम तथा अन्य अभिव्यक्तियों के माध्यम से अपनी भावनाओं को व्यक्त कर रहे हैं | हाल ही में हुई बलात्कार की घटनाओं के बाद, देश के कोने कोने में प्रतिदिन विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं | 20 अप्रैल को लोक राज संगठन , जमीयत उलेमा (भिवंडी) , जमात इस्लामी (भिवंडी) के नेतृत्व में तथा एम.पी .जे भिवंडी, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी और एस.यू.सी.आई.(कम्युनिस्ट) के समर्थन के साथ भिवंडी शहर में 15,000 से ज्यादा लोग सड़कों पर विरोध प्रदर्शन के लिए उतरे और ज़ोर देकर घोषित किया कि “ एक पर हमला मतलब सब पर हमला “! उन्होंने गुनहगारों को सबक सिखानेवाली सजा की मांग की |

देशभर में लोगों के गुस्से , विरोध प्रदर्शन तथा सार्वजनिक दबाव के कारण ही जम्मू कश्मीर से दो मंत्रियो को हटाने तथा उत्तर प्रदेश के अभियुक्त विधायक को गिरफ्तार करने के लिए सत्ताधारी पक्ष को मजबूर होना पड़ा |

इन क्रूर अपराधों को न्यायसंगत बनाने के लिए सत्ताधारी झूठ पर झूठ बोलते जा रहे हैं | कथुआ घटना का इस्तेमाल करके शासक सांप्रदायिक फूट डालने की कोशिश कर रहे हैं |

इतिहास से मिली सीख को हम नहीं भूल सकते | आजादी के बाद से सात दशकों में हमने असंख्य सांप्रदायिक नरसंहार देखे हैं | 1984 के सिखविरोधी साम्प्रदायिक नरसंहार में, तत्कालीन सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के आदेश पर सैकड़ो महिलाओं के साथ बलात्कार किया गया तथा पुरुषों के कत्लेआम हुए | 1990 के दशक में धार्मिक नफ़रत व उन्माद फ़ैलाने के लिए, उसके बाद बाबरी मस्जिद को धवस्त करने के लिए और उसके बाद देश के कई स्थानों पर हिन्दुओं और मुसलमानों के नरसंहार के आयोजन के लिए कांग्रेस और भा..पा. ने साँठ गाँठ की | 2002 में गुजरात में सत्ताधारी भा. . पा. ने महिलाओं के बड़े पैमाने पर बलात्कार और हत्याएं तथा असंख्य पुरुषों की हत्याएं आयोजित की थीं |

ये सभी भयानक अपराध शासकों द्वारा आयोजित किये गए थे | जहाँ भी लोग न्याय के लिए माँग करते हैं उनके संघर्ष को कुचलने के लिए महिलाओं को निशाना बनाना हमारे शासकों की घ्रणित प्रथा रही है जैसा वे आज कश्मीर , उत्तर पूर्वी राज्यों में तथा अन्य स्थानों में कर रहे हैं | ऐसे शासकों से, कांग्रेस और भा..पा. जैसे दलों से हम किस न्याय की उम्मीद कर सकते हैं जिन के नेताओं ने असंख्य बलात्कार और हत्याओं का नेतृत्व किया और उन्हें आयोजित किया है |

मूल समस्या यह है कि वर्तमान प्रणाली में लोग सत्ताहीन हैं | हमारे देश में प्रचलित प्रतिनिधित्ववादी लोकतंत्र की राजनैतिक प्रक्रिया वास्तव में बहुसंख्य लोगो को सत्ता से दूर रखने का काम करती है | यह गणराज्य हमारे अधिकारों की रक्षा नहीं , बल्कि हनन करता है | बड़ी धन शक्तियों के जरिये समर्थित पार्टियों द्वारा चुने गए उम्मीदवार चुनाव जीतते हैं | यह स्पष्ट है कि जो लोग चुने जाते हैं उन्हें चुनाव के लिए धन देने वालों की मांगों को पूरा करना पड़ता है | लोगों का उनके ऊपर कोई अधिकार नहीं होता है | वे ज्यादा से ज्यादा वोट डालने के अपने अधिकार उपयोग कर सकते हैं | निर्वाचित प्रतिनिधि लोगों के प्रति जवाबदेही नहीं है | सरकार कौन बनाता है तथा सरकार क्या करती है या क्या नहीं करती है, इस बारे में लोगों की कोई भूमिका नहीं है | सम्प्रभुता, सर्वोच्च निर्णय लेने की शक्ति संसद के भीतर मंत्रिमंडल के हाथों में है | ऐसा कोई तंत्र नहीं है जो यह सुनिश्चित करे कि लोगों की इच्छा के अनुसार शासन चले |

हमें मौजूदा प्रणाली के मूल दोषों को सम्बोधित करना होगा | हमें राजनैतिक सत्ता लोगो के हाथों में लानी होगी | जब राजनैतिक सत्ता हमारे हाथों में होगी, लोग न केवल अपनी सुरक्षा और अपने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्षम होंगे, बल्कि गरीबी और सम्मानीय मानव जीवन के लिए आवश्यकताओं की कमी जैसी अन्य समस्याओं को हल करने में भी सक्षम होंगे |

हमें अपना संयुक्त विरोध प्रदर्शन करते रहना है तथा अपराधियों के लिए अनुकरणीय सजा की मांग को उठाते रहना है, उसके साथ साथ हमें लोगों के सबलीकरण के लिए हालातें तैयार करने के काम को भी हाथ में लेना है | लोकराज संगठन यही कर रहा है |

लोकराज संगठन सभी लोगों की राजनैतिक एकता बनाने के लिए काम करता है | हम सभी छोटे मतभेदों और पार्टी प्रतिद्वंदी से ऊपर उठकर लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपने कार्यों द्वारा एकता बनाने काम करते हैं |

हम सभी लोगों को आवाहन करते हैं कि वे एक जुट हो जायें तथा महिलाओं, पुरुषों और युवाओं के खिलाफ हर तरह के अपराध के दोषी लोगों के लिए सख्त संभव अनुकरणीय दंड की मांग की शक्तिशाली आवाज़ उठाएं |

हम पुलिस के तथा अन्य सुरक्षा दलों के वर्दीधारी पुरुषों व महिलाओं से अपील करते हैं कि हमारी बेटियों और बेटो की रक्षा करें | आखिरकार , आप भी मजदूरों और किसानों के बेटे और बेटियाँ हैं | जिन पर हमला किया जाता है वे आपके बच्चों की तरह हैं | हम यह जानते हैं कि इस अन्यायपूर्ण व्यवस्था के प्रति आपके दिल में भी क्रोध है जिस व्यवस्था ने शासकों को खुले आम लड़कों और लड़कियों का बलात्कार व हत्या करने की छूट दे रखी है |

आइये, हम सब लोगों के राजनैतिक सबलीकरण के लिए मिल कर काम करें ताकि हम उनके लिए एक सुरक्षित, सम्मानपूर्वक जीवन सुनिश्चित कर सकें |

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