कामरेड हंसराज शर्मा राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले की नोहर तहसील के भूकरका गांव में एक सामान्य किसान परिवार में पैदा हुए। उन्होंने अपनी प्राथमिक स्तर की शिक्षा अपने गांव भूकरका  में प्राप्त की। कामरेड हंसराज एक प्रगतिशील किसान थे। 1998 से वे लोकराज संगठन से जुड़ गए।

कॉमरेड  हंसराज शर्मा हनुमानगढ़ जिला में ही नहीं पूरे राजस्थान में किसानों की समस्याओं के लिए संघर्ष में अग्रणी भूमिका में रहे। किसान आंदोलन में अनेक बार जेल में गए। एक बार तो अजमेर जेल के अंदर भूख हड़ताल भी की। इस प्रकार, अंतिम समय तक उनका लगाव किसान संघर्षों से जुड़ा रहा। वे 78 वर्ष की उम्र में 29 सितंबर 2025 को अचानक बीमार हुए और उनका असामयिक निधन हो गया।

लोकराज संगठन के साथियों ने भूकरका में एक शोक सभा का आयोजन करके कामरेड हंसराज को श्रद्धांजलि दी। 2 मिनट का मौन धारण किया गया। लोकराज संगठन के सर्व हिंद उपाध्यक्ष कामरेड हनुमान प्रसाद शर्मा, कामरेड ओम साहू, मनीराम लकेसर, डॉक्टर कृष्ण नौखवाल, धर्मचंद सोनी, कामरेड दुन्नी चंद सिरसा, कामरेड अशोक सिरसा, कामरेड गोपाल और कामरेड गुलशन खान, आदि ने कामरेड हंसराज के  जीवन पर अपने विचार प्रकट किया।