Statements

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Statement of LRS on Delhi Elections

Submitted by admin on Mon, 2013-11-11 10:20

To solve the problems of Delhi there is need to place political power in the hands of the people - statement of LRS.

Dear Residents of Delhi,
Since Delhi became a State in 1993, it has been ruled for 5 years by BJP and for 15 years by Congress Party. The problems of the vast majority of people have multiplied over these 20 years. The most parasitic interests, including big business houses, land and real estate mafia, financial speculators, corrupt politicians and ministers, have enriched themselves at the people’s expense.

Let Us Build and Strengthen Self-Defense Committees to Ensure the Safety and Security of Women! - Statement of the Maharashtra Regional Council of the Lok Raj Sangathan

Submitted by admin on Fri, 2013-08-30 10:34

Let Us Build Lok Raj!
Statement of the Maharashtra Regional Council of the Lok Raj Sangathan

To read the Statement in Marathi Click here

Citizen Brothers and Sisters,
The recent rape of one of our sisters, a photo journalist, in the Shakti Mill compound in Mumbai has justifiably angered all of us and we are rightly demanding a speedy trial and the severest of punishments to the criminals. The thousands of us who have come out on the streets in protest as well as the people at large laud the courage of this young lady in not being cowed down and suffering in silence.

1984 के नरसंहार के गुनहगारों को सजा दिलाने का संघर्ष अनवरत जारी! लोक राज संगठन का बयान, 5 मर्इ 2013

Submitted by admin on Mon, 2013-05-06 17:03

1984 के सिखों के नरसंहार के मामले में कांग्रेस पार्टी के नेता सज्जन कुमार को कमज़ोर तर्क पर बरी करने पर, दिल्ली की सड़कों पर नाराजगी और गुस्सा उमड़ आया है। बहुत ही साहस से, दोषी को कातिल गिरोहों का नेतृत्व देने की चश्मदीद गवाही देने वाली, पीडि़तों में से एक की बेटी निरप्रीत कौर, अनिशिचतकालीन भूख हड़ताल पर हैं, जबकि शहर के अलग-अलग इलाकों में हजारों लोग विरोध प्रदर्शन करते आये हैं।

महिलाओं पर अत्याचार के बढ़ते हादसों के विरोध में लोक राज संगठन का बयान, 27 अप्रैल, 2013

Submitted by admin on Sun, 2013-04-28 01:37

 

सन सत्ता अपने हाथ, जुल्म अन्याय करें समाप्त!

नागरिक बहनों और भार्इयो!

हम सभी महिला और पुरुष, बुजुर्ग और जवान, पांच वर्षीय लड़की के उपर हुये वहशी हमले की खबर से बहुत गुस्से में हैं। हम अपना गुस्सा प्रकट करने के लिये सड़कों पर निकलकर आये हैं। राजनीतिक पार्टियों के सदस्य, ट्रेड यूनियन, महिला संगठन और नौजवान और छात्र संगठन, पेशेवर लोग, एन.जी.ओ. हम सब मिलकर इसका विरोध कर रहे हैं। हम एम्स और जंतर-मंतर जैसी जगहों पर भी प्रदर्शन कर रहे हैं और साथ ही साथ अपनी रिहायशी कालोनियों में भी।

 

अफज़ल गुरु की फांसी – राजनितिक उद्देश्य से की हुई गुप्त हरकत ?

Submitted by admin on Thu, 2013-02-21 18:48

 लोक राज संगठन का निवेदन, १४ फ़रवरी २०१३
अफज़ल गुरु को बड़े गुप्त तरीके से ९ फरवरी को फांसी चढ़ाया गया और उनके परिवार को भी इसकी खबर पहले नहीं दी गयी. उनके मुकद्दमे के दस्तावेज तथा कई वकील एवं मानव अधिकार कार्यकर्ताओं ने जो कई दस्तावेज इकट्ठा किये हैं, उनसे स्पष्ट होता है कि उनका गुनाह साबित नहीं हुआ था, फिर भी राष्ट्रपति ने उनकी दया की प्रार्थना अस्वीकृत कर दी. सरकार ने एक गंदे राजनितिक मकसद से ऐसा किया है, जिसका उद्देश्य है लोगों के बीच फूट डालना एवं भ्रम पैदा करना, और लोक राज संगठन बड़े क्रोध से उसका धिक्कार करता है.

Afzal Guru’s hanging – A politically motivated cover-up?

Submitted by admin on Sun, 2013-02-17 16:52

Statement of Lok Raj Sangathan, Feb 14, 2013
Afzal Guru was hanged on 9th February 2013 in secrecy, even before his immediate kin were informed. His mercy petition was rejected by the President even when the trial records and the lengthy documentation put together over the years by lawyers and civil rights activists revealed that his guilt was never established beyond reasonable doubt. Lok Raj Sangathan expresses its strong condemnation of this politically motivated act that is aimed at creating confusion and divisions among the people.

அமைதியாக ஆர்பாட்டம் செய்பவர்கள் மீது நடத்தப்பட்ட தாக்குதல்கள் ஒழிக!

Submitted by admin on Wed, 2012-12-26 10:35

பெண்களுக்கு எதிரான வன்முறையாளர்கள் தண்டனையிலிருந்து தப்பிக்கக் கூடாது!

நம்மை நாமே பாதுகாத்துக் கொள்ள சுற்றுப்புறங்களிலும், குடியிருப்புப் பகுதிகளிலும், குழுக்களைக் கட்டுவோம்!

கடந்த நான்கைந்து நாட்களாக மிகவும் அமைதியான முறையில் ஆர்பாட்டங்களில் ஈடுபட்டுவந்த இலட்சக்கணக்கானவர்கள் மீது காவல்துறை நடத்திய காட்டுமிராண்டித்தனமான வன்முறையை நாம் கண்டிக்க வேண்டும். ஒரு இளம் பெண் குற்றவியலான முறையில் தாக்கப்பட்டு கற்பழிக்கப்பட்டதை எதிர்த்து தங்களுடைய கோபத்தை வெளிப்படுத்த தங்கள் வீடுகளை விட்டு கோபத்தோடு வெளியே வந்த இளம் ஆண்-பெண் எதிர்ப்பாளர்கள், தங்களுடைய நியாயமான கோரிக்கைகளுக்கு அரசின் பதிலாக தாக்குதல்களை மட்டுமே சந்தித்துள்ளனர். அவர்கள் காவல்துறையின் தண்ணீர் பீரங்கிகளையும், தடியடிகளையும் தான் எதிர்கொள்ள நேர்ந்தது.

शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने वालों पर हमलों की निंदा करो!

Submitted by admin on Mon, 2012-12-24 15:24

महिलाओं पर हिंसा करने वालों को सज़ा होनी ही चाहिये!  

अपनी सुरक्षा के लिये पड़ोस व मोहल्लों में समितियां बनाओ!

पिछले चार से पांच दिनों में एकदम शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने वाले लाखों लोगों पर पुलिस द्वारा हमलों की कड़ी निंदा की जानी चाहिये! महिला-पुरुष, नौजवान प्रदर्शनकारी, जो एक नवयुवति पर अपराधी हमले और बलात्कार से बहुत गुस्से में हैं, वे अपने घरों से निकल कर अपना आक्रोश व्यक्त करने और अपनी जायज मांगों को रखने के लिये निकले तो उन्हें पुलिस की नाराजगी का सामना करना पड़ा। उन पर पुलिस की पानी की तोपों और लाठियों की बरसात सहनी पड़ी। राज करने वाले कुलीन उन्हें शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने का अधिकार भी नहीं देना चाहते हैं। पिछले 24 घंटों में असमाजिक तत्वों को वहां लाया गया है जिन्होंने अनुशासनहीन और हिंसात्मक बर्ताव से शांतिपूर्वक प्रदर्शनकारियों को बदनाम करने और उन पर पुलिस द्वारा हमले की सफाई देने का काम किया है। अब मीडिया गुहार लगा रहा है कि प्रदर्शनकारी “शांतिपूर्ण तरीके से वापस“ अपने घर जायें! इन समाजविरोधी तत्वों के लिये वही सत्ताधारी जिम्मेदार हैं क्योंकि वे ऐसे अपराधी गुंडों का इस्तेमाल, अपने मकसद के लिये दंगे फसाद कराने, साम्प्रदायिक कत्लेआम कराने, महिलाओं पर हमले कराने तथा समाज में नाइंसाफी के विरोध करने वाले किसी भी दूसरे तबकों के खिलाफ़ करते हैं।

Condemn the attack on peaceful protestors!

Submitted by admin on Mon, 2012-12-24 15:11

Violence against women cannot go unpunished!

Build neighbourhood and mohalla committees to defend ourselves!

The brutal police attack on the lakhs of protestors who have been demonstrating in the most peaceful manner over the last four to five days must be condemned. The youthful protestors - men and women, who are extremely angry with the criminal assault and rape on a young girl have come out of their homes to express their anger and have only faced the wrath of the State in response to their just demands. They have faced water cannons and lathi charge by the police.

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