Privatisation

Interest category is Privitisation<br />

Workers hold massive Mahapadav at Parliament in New Delhi

Submitted by admin on Tue, 2017-11-14 11:32

thumbThe Joint Platform of Central Trade Unions, comprising Central Trade Union Organisations and all major industry /establishment wise federations conducting a three days' 'mahapadav' (mass dharna) before Parliament against the anti-worker, anti-people and anti-national policies of the Central Government from November 9-11, 2017. Lakhs of workers from across the country participated in this huge protest.

“We shall unitedly work to eliminate Railway accidents!” declare Railway passengers and Railway workers

Submitted by admin on Mon, 2017-10-30 12:41

ThumbnailOn 27th October 2017, for the first time, in a path-breaking meeting, various Railway worker unions and passenger associations came together in Mumbai and denounced the Railway administration’s and Railway Ministry’s apathy towards the safety of railway passengers and workers.

The initiative taken by Lok Raj Sangathan and Kamgar Ekta Committee in association with the All India Guards’ Council got a very good response.

रेल यात्रियों और रेल मजदूरों ने ऐलान किया “हम सब रेल दुर्घटनाओं को ख़त्म करने के लिए मिलकर काम करेंगे”

Submitted by admin on Mon, 2017-10-30 12:04

Thumbnail२७ अक्टूबर २०१७ को मुंबई में एक ऐतिहासिक मीटिंग हुई. इस मीटिंग में रेल मजदूरों के कई यूनियन और रेल यात्रियों के कई संगठन एक साथ आये और रेल यात्रियों और रेल मजदूरों की सुरक्षा के प्रति रेल प्रशासन और रेल मंत्रालय के उदासीनता की जमकर निंदा की.

लोक राज संगठन द्वारा व मज़दूर एकता चलवल तथा आल इंडिया गार्ड्स कौंसिल के साथ मिलकर ली गयी इस पहल को रेल यात्रियों और रेल मजदूरों के संगठनों से बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली.

रेल प्रशासन एवं मंत्रियों को हमारी जिंदगी खतरे में डालने का कोई हक नहीं है! आइये सुरक्षित रेल यात्रा के लिए एकजूट हो जाएं!

Submitted by admin on Tue, 2017-10-24 12:06

लोक राज संगठन तथा कामगार एकता कमिटी का निवेदन, अक्टूबर 2017

भारतीय रेल से सफर करना आए दिन ज्यादा खतरनाक तथा परेशान करनेवाला हो रहा है यह हम सभी के लिए बेहद चिंताजनक समस्या है। इन हालातों के लिए कौन ज़िम्मेदार है और हम नागरिक क्या कर सकते हैं?

Rail Authorities and Ministers have no Right to Endanger Our Lives! Let Us Unite for Safe Rail Travel!

Submitted by admin on Tue, 2017-10-24 12:00

Statement of Lok Raj Sangathan and Kamgar Ekta Committee, October 2017

It is a matter of great concern to all of us that instead of becoming safer and more comfortable, travel on the Indian Railways is becoming ever more dangerous and distressing.

Who is responsible for this state of affairs and what can we the citizens do?

सरकारी स्कूलों के निजीकरण के फैसले के खिलाफ राजस्थान में बढ़ता जन-आंदोलन

Submitted by admin on Tue, 2017-09-26 14:44

Thumbnailहाल ही में, राजस्थान सरकार ने 300 सरकारी स्कूलों का पी.पी.पी. माडल के तहत निजी पूंजीपतियों के हवाले करने का ऐलान किया। इस घोर समाज-विरोधी फैसले के खिलाफ़ पूरे प्रांत में छात्रों-छात्राओं, शिक्षकों, अभिभावकों और समाज के आम लोग सड़कों पर उतर आये हैं।

22 सितम्बर, 2017 को भादरा और नोहर तहसील में, ग्रामीण लोगों ने इसके खिलाफ़ प्रदर्शन करके गुस्सा प्रकट किया। विभिन्न संगठनों ने सरकार के स्कूलों के निजीकरण के फैसले को आम जनों पर कुठाराघात बताते हुए भगत सिंह चैक पर जन चेतना सभा का आयोजन किया।

Privatisation Is Not Reform

Submitted by admin on Mon, 2017-07-10 17:49
The decision to privatise Air India comes at a time when the government’s “reform” credentials are being questioned by big business. All information publicly available points to a continuing improvement in the performance of the airlines. Between 2011–12 and 2015–16, the last year for which official financial results are available, the airline showed a steady improvement in terms of its operational profi t/loss as well as its passenger load factor. The corporate business press is lauding the government’s privatisation decision, hailing it as the resumption of “reforms” which has come to mean more disinvestment and privatisation. It is hard to understand how mismanaging public assets and then selling them is “reform.”

पुनर्वास की आस

Submitted by admin on Tue, 2017-06-06 17:51

एक अपील
न्यू संजय कैम्प ओखला 1 व 2 के उजाड़े गये परिवारों का दर्द
दक्षिणी दिल्ली के ओखला औद्योगिक क्षेत्र 1 और 2 के मध्य बसी झुग्गी बस्ती, न्यू संजय कैंप के 223 परिवारों को पुनर्वास के लिए भटकते हुए 8 साल से ऊपर हो चुके हैं। नोएडा-सरिता विहार अण्डर पास के लिए दिल्ली सरकार ने 5 फरवरी, 2009 को इन्हें उजाड़ दिया था।

भीख का पानी देने से जलबोर्ड को घाटा पर नेताओं को वोट का फायदा

Submitted by admin on Tue, 2017-06-06 17:41
दिल्ली सरकार ने 30 अगस्त, 2016 को मीडिया के जरिये ऐलान किया कि “दिल्ली के सभी झुग्गी बस्तियों, पुनर्वास कालोनियों, कच्ची कालोनियों में "जल अधिकार कनेक्शन योजना के तहत जल बोर्ड पानी देंगा"। परन्तु जब संजय कॉलोनी की लोक राज समिति इसके बारे में दिल्ली जल बोर्ड के पास गयी तो उन्होंने इससे इनकार कर दिया.

Public meeting in Hanumangarh

Submitted by admin on Thu, 2017-05-04 17:25

महत्वपूर्ण जनसभा

विषय: हिन्दोस्तानी राज्य के सरमायदारी वर्ग चरित्र में लोगों को सत्ता में लाने की चुनौती

दिनांक: 21 मई 2017, प्रातः 11 बजे