लोक राज संगठन के 7वें सर्व हिन्द अधिवेशन में लिया गया मुख्य फैसला, 2 अक्तूबर, 2017

Submitted by admin on Fri, 2017-10-06 17:34

लोक राज संगठन का 7वां सर्व हिन्द अधिवेशन, मौजूदे राजनीतिक व्यवस्था में लोगों को पूरी तरह से दरकिनार किये जाने पर अपनी चिंता प्रकट करता है। यह अधिवेशन पुनः यह दोहराता है कि असलियत में लोगों के हाथों में संप्रभुता सुनिश्चित करने के लिये ज़रूरी बदलावों को अमल में लाने से ही, हिन्दोस्तानी समाज को सताने वाली समस्याओं का समाधान अपने देश के लोग कर सकेंगे।
अधिवेशन ने यह भी ध्यान दिया कि भ्रष्टाचार की समस्या की जड़ भी लोगों के हाथों में सत्ता का न होना ही है। हिन्दोस्तानी राज्य और उसकी सभी नीतियों पर मुट्ठीभर बड़े इजारेदार पूंजीपतियों की जकड़ एवं नियंत्रण है। चुनाव के ज़रिये, सत्ता पर बैठी एक पार्टी की जगह दूसरी पार्टी को बैठाने से भ्रष्टाचार की समस्या सुलझाई नहीं जा सकती है। मौजूदा आर्थिक एवं राजनीतिक व्यवस्था को बदले बगैर इस समस्या का समाधान नहीं हो सकता है।
यह अधिवेशन लोक राज संगठन की नई सर्व हिन्द परिषद को निर्देश देता है कि लोगों के हाथों में सत्ता प्रदान करने के उद्देश्य से अभियान को और भी तेज़ करे। यह उजागार करे कि मौजूदा व्यवस्था किस तरह लोगों को दरकिनार करती है, तथा किस तरह के बदलावों की आवश्यकता है ताकि अंतिम निर्णय की प्रक्रिया लोगों के हाथों में हो। यह अधिवेशन, छोटी राजनीतिक पार्टियों एवं संगठनों के खिलाफ़ होने वाले भेदभावों को खत्म करने व चुनावी प्रक्रिया पर सत्ताधारियों की पार्टियों का प्रभुत्व खत्म करने के लिये, चुनाव संबंधी कानूनों में तब्दीली के लिये अभियान चलाने का निर्देश देता है। यह अधिवेशन सर्व हिन्द परिषद को आह्वान देता है कि मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था तथा प्रक्रिया में आमूल परिवर्तन करने के लिये लोगों की एकता स्थापित करने के काम को जारी रखे।
दलितों, धार्मिक अल्पसंख्यकां, राष्ट्रीय एवं सांस्कृतिक अधिकारों के लिये संघर्ष करने वालों पर बढ़ते हमलों की, और ज़मीर के अधिकार पर बढ़ते हमलों की, यह 7वां सर्व हिन्द अधिवेशन, भर्त्सना करता है। असहमति का अधिकार, समाज के लिये एक अलग दृष्टिकोण पेश करने का अधिकार - ये ऐसे अधिकार हैं, जिन्हें आधुनिक तथा जनतांत्रिक समाज में पूरी हिमायत मिलनी चाहिये। कश्मीर, मणिपुर, असम तथा देश के दूसरे इलाकों में राजनीतिक समस्याओं को सुलझाने के लिये हिन्दोस्तानी राज्य जिस तरह दमनकारी शक्ति का उपयोग करता है, यह अधिवेशन उसकी भी भर्त्सना करता है। यह अधिवेशन मांग करता है कि सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (ए.एफ.एस.पी.ए.), गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यू.ए.पी.ए.), बस्तीवादी देशद्रोह कानूनों आदि जैसे फासीवादी कानूनों को खारिज किया जाये। यह अधिवेशन, राज्य द्वारा आयोजित सांप्रदायिक हिंसा एवं राजकीय आतंकवाद के खिलाफ़ संघर्ष करने वाले लोगों की एकता को मजबूत करने का संकल्प लेता है।
सबसे बड़े इज़ारेदार कॉर्पोरेट घरानों की मुनाफ़े बटोरने की लालच को पूरा करने के लिये, आम लोगों के अधिकारों तथा हितों की बलि चढ़ाये जाने के प्रति यह अधिवेशन चिंतित है। सबके लिये सुरक्षा एवं खुशहाली सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी से राज्य इनकार कर रहा है। सभी लोगों के लिए इंसान लायक जीवन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी से राज्य पीछे हट रहा है। शिक्षा व्यवस्था, रेल सेवा, विमान सेवा, पीने के पानी की सप्लाई, बिजली की सप्लाई, स्वास्थ्य सेवा तथा दूसरी सामाजिक सेवाओं का निजीकरण किया जाना, यह समाज-विरोधी तथा देश-विरोधी है। पीने योग्य पानी, साफ-सफाई, सार्वजनिक खाद्य वितरण प्रणाली, स्कूल, अस्पताल, ग्रामीण इलाकों में सिंचाई के लिए पानी, सड़कें तथा सार्वजनिक परिवहन, आदि मूलभूत ज़रूरतों को पूरा करने से राज्य इनकार कर रहा है, इस पर अधिवेशन ने चिंता जाहिर की। यह अधिवेशन, इन अधिकारों के लिये संघर्ष के दौरान, लोक राज समितियों को संगठित करने व मज़बूत करने का आह्वान करता है। यह अधिवेशन सरकार से अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिये आवश्यक तंत्र स्थापित करने तथा संवैधानिक गारंटी देने की मांग करता है।
अमरीका तथा दूसरी शक्तियों द्वारा दक्षिण एशिया के इलाके में की जा रही दखलंदाज़ी का यह अधिवेशन विरोध करता है। यह अधिवेशन सरकार से मांग करता है कि दक्षिण एशिया में शांति स्थापित करने और पड़ोसी देशों के लोगों के साथ दोस्ती कायम करने के लिये आवश्यक ठोस कदम उठाये।
लोक राज संगठन द्वारा समय-समय पर आयोजित राजनीतिक मंच (पोलिटिकल फोरम) ने लोगों के अधिकारों के लिये संघर्षरत अन्य संगठनों के साथ एकता मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह अधिवेशन लोक राज संगठन की सर्व हिन्द परिषद को आह्वान देता है कि आने वाले समय में भी इस तरह के मंचों को आयोजित करे। यह अधिवेशन लोक राज संगठन की सर्व हिन्द परिषद को आह्वान करता है कि लोगों के अधिकारों के लिये तथा लोगों के हाथों में सता के लिये संघर्ष करने वाले सभी संगठनों के साथ, हाथ मिलाकर काम करे।
यह अधिवेशन, सभी सदस्यों से आह्वान करता है कि हिन्दोस्तान के लोगों के हाथों में सत्ता लाने के एक साधन बतौर, लोक राज संगठन को बनाने एवं मज़बूत करने का काम करे।

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